Textile Designing Course Kya Hai 2022, और कैसे ले एडमिशन सारी जानकारी हिंदी में

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Textile Designing Course Kya Hai: टेक्सटाइल इंडस्ट्री उन युवाओं के लिए एक उत्तम कैरियर क्षेत्र है जो रचनात्मक सोच के जरिए कुछ नया कर अपना नाम पैसा एवं प्रसिद्धि पाना चाहते हैं। टेक्सटाइल इंडस्ट्री के फैशन टेक्नोलॉजी में देश से लेकर विदेश तक करियर बनने के अच्छा मौका मिलता है। अगर भारत की बात करे तो भारत में कृषि के बाद टेक्सटाइल इंडस्ट्री यानी कपड़ा उद्योग दूसरा सबसे अधिक रोजगार प्रदान करनेवाला कार्य क्षेत्र है जहां textile designing course करने के बाद भविष्य में कई राहें मौजूद हैं. आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की टेक्सटाइल इंडस्ट्री क्या है, टेक्सटाइल डिजाइनिंग क्या है (what is textile designing course) टेक्सटाइल डिजाइन या textile designing course कैसे कर सकते है इन सब से जुड़े सभी जानकारी इस पोस्ट में दूंगा तो ध्यान से पढ़े।

वस्त्र मानव सभ्यता के विकास का अहम हिस्सा रहे हैं. साथ ही संस्कृति, इतिहास और भौगोलिक विविधता के प्रचारक की भूमिका भी वस्त्र बखूबी निभाते आ रहे हैं. (what is textile designing course) पहनावे का संबंध हमारी पहचान और शख्सीयत से तो है ही, इससे हम किसी इंसान के समाज व देश का अंदाजा भी लगा लेते हैं.(what is textile designing course) ठंडी या गर्मी मौसम के प्रकोप से बचने के लिए कपड़ा का इस्तेमाल किया जाता है वस्त्र जीवन की मूलभूत जरूरतों ‘भोजन, कपड़ा व मकान’ में शामिल है. इस जरूरत को पूरा करने का काम करती है टेक्सटाइल इंडस्ट्री.

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वस्त्र उद्योग प्रमुख रूप से कच्चे धागे, फैब्रिक, वस्त्र तथा कपड़ों के डिजाइन से लेकर प्रोडक्शन तथा वितरण से सम्बन्धित है। भारत में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने में ऊन, रेशम, कपास और जूट जैसे कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता की अहम भूमिका रही है. आज के समय में यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देनेवाले एक व्यापक कार्य क्षेत्र बन गया है, जिसमें टेक्सटाइल डिजाइन, टेक्सटाइल एवं अपेरल डिजाइन, टेक्सटाइल एवं अपेरल प्रोडक्शन, टेक्सटाइल मैनेजमेंट जैसी कई करियर विकल्प मौजूद हैं. जिसमे से आप अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुसार टेक्सटाइल डिजाइनिंग या इनमें से कोई एक करियर विकल्प चुन कर उससे संबंधित कोर्स (textile designing course) कर टेक्सटाइल इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

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टेक्सटाइल इंडस्ट्री में आप योग्यता के अनुसार बतौर टेक्सटाइल डिजाइनर, डिजाइन कंसल्टेंट, टेक्सटाइल इलस्ट्रेटर, फैब्रिक एनालाइजर, फैब्रिक रिसोर्स मैनेजर, प्रिंट एंड पैटर्न डिजाइनर, इनोवेटिव डिजाइन कंसल्टेंट के रूप में टेक्सटाइल इंडस्ट्री में अपना पहचान बना सकते है इसके अलावा आपके पास फ्रीलांस टेक्सटाइल आर्टिस्ट, क्यूरेटर, कलर स्पेशलिस्ट, टेक्सटाइल प्रोडक्शन मैनेजर, प्रिंटिंग सुपरवाइजर या मैनेजर आदि के रूप में अपना करियर बना सकते है

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डिजाइनिंग के अन्य क्षेत्रों की तरह यह भी एक क्रिएटिविटी से जुड़ा हुआ क्षेत्र है जिसमे टेक्सचर, पैटर्न, डिजाइन संबंधी रिसर्च, डेवलपमेंट, कलर, सैंपल डिजाइन, स्केच, टैक्सचर एवं फैब्रिक संबंधी कार्य किये जाते है टेक्सटाइल डिजाइनिंग से जुड़े प्रोफेशनल बाजार के नए ट्रैंड्स के अनुरूप सभी तरह के डिजाइन कर कपड़ा तैयार करते है (textile designing course) जो की टेक्सटाइल डिजाइनिंग कहलाता है।

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textile designing course eligibility

Textile Industry में करियर बनने के लिए बारहवीं के बाद सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या बैचलर डिग्री कोर्स कर सकते है। 10+2 के बाद टेक्सटाइल डिजाइन, अपेरल डिजाइन में बीडेस, बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (अपेरल प्रोडक्शन), बीएससी (टेक्सटाइल), अपेरल डिजाइन एवं मर्चेडाइजिंग में बीए, डिप्लोमा इन टेक्सटाइल मेन्युफैक्चर, फैशन एवं टेक्सटाइल डिजाइन में बीएससी, टेक्सटाइल केमिस्ट्री में बीटेक आदि में से कोई भी कोर्स कर टेक्सटाइल इंडस्ट्री (textile designing course) में नौकरी पा सकते है. कुछ संस्थान टेक्सटाइल डिजाइन, टेक्सटाइल एवं अपेरल डिजाइन में एडवांस डिप्लोमा तथा डिप्लोमा प्रोग्राम भी संचालित करते सकते हैं।

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टेक्सटाइल डिजाइनिंग कोर्स

टेक्सटाइल डिप्लोमा कोर्स

टेक्सटाइल में डिप्लोमा कोर्स 12वीं पास करने के बाद क़र सकते है जो एक साल से लेकर चार साल तक के होते है डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए कम से कम 40% से 50% अंक 10+2 में होना चाहिए। डिप्लोमा कोर्स की अवधि संस्थांन के ऊपर निर्भर करता है की उनके यहाँ कितने साल का कोर्स कराया जाता है टेक्सटाइल डिप्लोमा कोर्स की सूची नीचे दी गई है:

बैचलर कोर्सेज इन टेक्सटाइल डिजाइनिंग

मास्टर कोर्स इन टेक्सटाइल डिजाइनिंग

मास्टर कोर्स में एडमिशन के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में 45%-55% अंक के साथ स्नातक होना जरुरी है।

प्रवेश परीक्षा textile designing course के लिए

टेक्सटाइल इंडस्ट्री या टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा भी लिए जाता है अगर आप किसी अच्छे कॉलेज/इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेना चाहते है तो इन प्रवेश परीक्षा में अच्छा रैंक लाना होगा. जिसमे से अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होनेवाली प्रवेश परीक्षाएं, जैसे अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (यूसीड) एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) एंट्रेंस एग्जाम एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के डिजाइन एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिये टेक्सटाइल डिजाइन के बीडेस प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं

  1. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) एंट्रेंस एग्जाम
  2. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन (NID)- डिज़ाइन एप्टीटुड टेस्ट (DAT)
  3. अंडर ग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (UCEED)

निफ्ट में अपेरल प्रोडक्शन में बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (बीएफटेक) कोर्स भी संचालित होता है. इसके बाद टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन एंड निटवेयर डिजाइन, फैशन एंड टेक्सटाइल में एमडेस, टेक्सटाइल डिजाइन में एमबीए, टेक्सटाइल डिजाइन में एमएफए कर एक मजबूत करियर का आधार तैयार कर सकते हैं.

textile designing इंजीनियरिंग course

इस textile designing course करने के लिए 10+2 में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स या बायोलॉजी के साथ पास होना जरुरी हैं। जिसके बाद टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग या बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी का कोर्स कर सकते हैं। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कोर्स के बाद टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में एडवांस्ड डिप्लोमा, एमई, एमटेक और पीएचडी भी कर सकते हैं।

टेक्सटाइल डिजाइनिंग प्रमुख संस्थान

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (‍ दिल्ली (textile designing course in delhi), अहमदाबाद, पटना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, प. बंगाल एंव अन्य कैंपस)
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआइडी), अहमदाबाद
  • इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, आइआइटी, मुंबई.
  • आईआईटी दिल्ली
  • सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई.
  • विश्व भारती, शांतिनिकेतन
  • गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, सेरामपुर
  • उत्तरप्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, कानपुर
  • पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पानीपत
  • इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन, चंडीगढ़
  • एलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, अहमदाबाद
  • डॉ बीआर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जालंधर
  • इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन, कल्याण

टेक्सटाइल डिजाइनिंग में नौकरी के अवसर

टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स करने के बाद सरकारी, सहकारी से लेकर प्राइवेट तक काफी फैक्ट्री और कंपनियां हैं, जो टेक्सटाइल डिजाइन से संबंधित कोर्स करने वाले को नौकरी देती हैं. टेक्सटाइल मिल, एक्सपोर्ट हाउसेज, टेक्सटाइल डिजाइन एवं प्रिंटिंग यूनिट, टेक्सटाइल एंड फैब्रिक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट, फैशन गार्मेंट हाउसेज, डिजाइन स्टूडियो, ब्रांडेड फैशन शोरूम में नौकरी आसानी से कर सकते हैं. यही नहीं textile designing course करने वाले गवर्नमेंट एवं प्राइवेट कंपनी में फ्रीलांसिंग नौकरी या कंसल्टिंग कर अच्छा पैसा कमा सकते है

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टेक्सटाइल या फैब्रिक डिजाइनर का काम

एक टेक्सटाइल डिज़ाइनर को फ़ैब्रिक के प्रकार, रंग और पैटर्न आदि की अच्छी समझ होनी चाहिए, किसी भी टेक्सटाइल या फैब्रिक डिजाइनर का काम कपड़े के ऊपर एम्ब्रॉयडरी डिजाइन, प्रिंट, वेव एवं टेक्सचर को डिजाइन करना होता है। एक टेक्सटाइल डिजाइनर को डिज़ाइन के अलावा कच्चे माल को तैयार माल में बदलने की प्रक्रिया भी पता होनी चाहिए। टेक्सटाइल डिजाइनर को कपड़ों, पर्दे, तौलिया, लिनेन, कालीन, आदि के अलावा कार्पेट या दरी भी बनाने होते है। यही नहीं प्रोडक्शन के साथ उनकी रँगाई, रंग हटाना, डिज़ाइन की छपाई, आदि प्रोडक्शन वाले कामों में भी शामिल होना होता है।

सरफेस डिज़ाइनर्स

सरफेस डिज़ाइनर्स विभिन्न डिजाइन और पैटर्न बनाते हैं, जो कपड़े, कपड़े बनाने के लिए कपड़े (कॉटन और पॉलिएस्टर से लेदर और प्लास्टिक के लिए विभिन्न सामग्रियों से बने), बेड लिनेन, टेबल लिनन, बाथरूम लिनन, जैसे कई सतहों पर लागू किए जा सकते हैं। फैशन के कपड़े, कुशन कवर, फर्श मैट, कालीन, पर्दे और अन्य घरेलू सामान, कार सीट कवर और यहां तक कि वॉलपेपर भी बनाने होते हैं।

कारपेट डिजाइनर

कारपेट डिजाइनर एक विशेषज्ञ है जो मुख्य रूप से कालीन और कालीनों को डिजाइन करता है। कालीन और कालीन कपड़े, वेशभूषा, आदि की तुलना में एक अलग सामग्री से बने होते हैं। इस प्रकार, वे सामग्री पर बनावट, रंगों का सही मिश्रण सुनिश्चित करते हैं।

टेक्सटाइल केमिस्ट

टेक्सटाइल केमिस्ट कपड़ा प्रसंस्करण (टेक्सटाइल प्रोसेसिंग) के उद्योगों में काम करते हैं, वे कपड़ों को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन जैसे कलर पिगमेंट, डाई, प्रोसेसिंग केमिकल इत्यादि का अध्ययन और परीक्षण करते हैं।